अदृभुत जिजीविषा के धनी औंकारश्री लम्बे समय तक अपने रोगों से लड़ते रहे। on November 18, 2013 उदयपुर औंकारश्री डॉ. विश्वंभर व्यास +
''वे हमारे देश में खाताबाही लेकर आये थे होंठों पर उनकी कुटील हंसी थी''-प्रो. नन्द चतुर्वेदी on August 15, 2013 I.P.Shrimali Report Udaipur उदयपुर प्रसंग संस्थान प्रो. नन्द चतुर्वेदी +
व्यक्ति अपूर्ण हो सकता है, लेकिन उसके द्वारा रचित कविता पूर्ण होती है।-डॉ. सदाशिव श्रोत्रिय on April 25, 2013 उदयपुर +
''विकास की वर्तमान स्थिति में शहर गॉंव का रिश्ता परजीवी की बनता जा रहा है । ''-ड़ॉ आशीष कोठारी on March 23, 2013 उदयपुर +
''राजस्थानी भाषा साहित्य का इतिहास राजस्थानी में लिखा जाना चाहिए।''-प्रो. सत्यनारायण व्यास on October 14, 2012 उदयपुर +
''मातृभाषा के बिना मातृ-संस्कृति की कल्पना नही की जा सकती।''- श्याम महर्षि on October 13, 2012 उदयपुर +
''हिन्दी भाषा जनता की अपनी भाषा है इसीलिए विकासमान है।''-नंद चतुर्वेदी on September 15, 2012 उदयपुर +