Posts

Featured

उदयपुर में हिंदी विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी (23-24 Januray,2014)

अदृभुत जिजीविषा के धनी औंकारश्री लम्बे समय तक अपने रोगों से लड़ते रहे।

धर्मनिरपेक्षता लोकतंत्र का मूल

हिन्दी भाषा के कारण भारत में लोकतंत्र मजबूत हुआ है

''वे हमारे देश में खाताबाही लेकर आये थे होंठों पर उनकी कुटील हंसी थी''-प्रो. नन्द चतुर्वेदी

राजस्थानी व गुजराती लोक साहित्य परंपरा पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

व्यक्ति अपूर्ण हो सकता है, लेकिन उसके द्वारा रचित कविता पूर्ण होती है।-डॉ. सदाशिव श्रोत्रिय

नंद चतुर्वेदी के 91वें जन्म दिवस पर शुभकामना संगोष्ठी

डॉ सत्यनारायण व्यास सहित 9 साहित्यकारों को 'विशिष्ट साहित्यकार सम्मान''

''विकास की वर्तमान स्थिति में शहर गॉंव का रिश्ता परजीवी की बनता जा रहा है । ''-ड़ॉ आशीष कोठारी

राजस्थान साहित्य अकादमी के वर्ष 2012-13 के पुरस्कारों की घोषणा

''राजस्थानी भाषा साहित्य का इतिहास राजस्थानी में लिखा जाना चाहिए।''-प्रो. सत्यनारायण व्यास

''मातृभाषा के बिना मातृ-संस्कृति की कल्पना नही की जा सकती।''- श्याम महर्षि

राजस्थानी भाषा के साहित्यकारों का सम्मेलन विद्याभवन आरिडोरियम में

समता सन्देश का तीन दिवसीय आयोजन उदयपुर में

भारतीय समाज में रचनात्मक संस्थाओ का महत्वपूर्ण स्थान है

नेशनल प्लान फोर कन्जर्वेशन ऑफ एक्विटीक इको सिस्टम Vaya उदयपुर

''हिन्दी भाषा जनता की अपनी भाषा है इसीलिए विकासमान है।''-नंद चतुर्वेदी