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''‘तमिलनाडु में हिन्दी का विरोध’ पर लिखना वातानुकूलित कक्ष में बैठकर आदिवासी या किसानों की समस्याओं पर कहानी या रिपोर्ट लिखने जैसा है।''-

कविताएं समय को रचती हैं,समय में हस्तक्षेप करती हैं

प्रतिरोध का सिनेमा @ रामपुर उत्सव

साहित्य के केन्द्र में मनुष्य है- रमाकांत मिश्र

''वह कविता महत्वपूर्ण होती है जो एक साथ अतीत, वर्तमान और भविष्य की यात्रा करे।''-प्रो मैनेजर पाण्डेय

''वे हमारे देश में खाताबाही लेकर आये थे होंठों पर उनकी कुटील हंसी थी''-प्रो. नन्द चतुर्वेदी

मनुष्य होने की शर्त है साहित्य- डॉ सत्यनारायण व्यास

आयोजन रिपोर्ट:चित्तौड़गढ़ में कविता केन्द्रित आयोजन

SPIC MACAY Heritage Train in Chittaudgarh:-विरासत को सलाम

आबू रोड़ अधिवेशन की सफलता

नवरस और पूतनावधम ने रंग भर डाले

''विद्यार्थियों के लिए संगीत ज्यादा जरूरी'': पंडित तरूण भट्टाचार्य

स्पिक मैके राजस्थान की त्रैमासिक रपट