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मंगलवार, अक्तूबर 09, 2012

‘‘पंखों में आकाश समेटे चले हमारा काफिला......’’




सलूम्बर
सर्वशिक्षा अभियान एवं साहित्यिक संस्था सलिला द्वारा आयोजित पांच दिवसीय लेखन कार्यशाला के दूसरे दिन बच्चों ने निबन्ध लेखन, कविता रचना, चित्र बनाना सीखा। इसके तहत विभिन्न प्रतियोगिता आयोजित की गई। निबन्धों का पाठ किया गया एवं प्रथम द्वितीय पुरस्कार प्रदान किये गये। नारी किसी से कम नहीं, छुट्टियों का उपयोग कैसे करें, हमारा विद्यालय विषयों पर निबन्ध लिखे।सर्वप्रथम बालिकाओं को शब्द लिखने के लिए दिये गये। उन्हीं शब्दों से कविता निर्माण किया गया। बालिकाओं ने निम्न कविताएं लिखी- सलूम्बर, नारी, फूल, तितली आदि स्वरचित कविताएं प्रस्तुत की। लक्ष्मी कुमावत ने दीवार भास्कर नामक अखबार प्रस्तुत किया गया। लेखन कार्यशाला को समाहित कर प्रस्तुत किया। 

राज. बा. उ. मा. विद्यालय की प्राचार्या रजनी जोशी ने कार्यशाला का अवलोकन कर बच्चों को रचना के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आवाह्न किया। रतनलाल चौबीसा ने अपनी बाल कविताएं सुनाई। चन्द्रपंकाश मंत्री, मधु माहेश्वरी, उषा कचौरिया आदि सहयोगी करते रहे। आर. पी. मनोहर लाल किंकोड़, मोहनलाल बुनकर ने इस कार्यशाला की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह गुणवत्तायुक्त शिक्षण के लिए यह बहुत उपयोगी है।

अगले सत्र में पूंजीलाल वरनोती ने पेड़ों के महत्व को समझाया। पं. सुरेन्द्र जैन ने स्वरचित कविता बनाने पर बल दिया। खेल सत्र में आज चुप वाला खेल कराकर विश्लेषण किया गया। इस खेल में विजेत्री चौबीसा प्रथम रही। समूह नृत्य ‘‘पंखों में आकाश समेटे चले हमारा काफिला......’’ का अभ्यास किया। चित्र बनाने की गतिविधि में अंजली देवड़ा प्रथम रही। खेल और नृत्य का प्रशिक्षण शान्तिलाल शर्मा कराया।





डॉ.विमला भंडारी  
क           कहानीकार,इतिहासकार,बाल साहित्यकार होने के साथ ही जन प्रतिनिधि भी हैं.भंडारी सदनपैलेस रोडसलूम्बर-313027,Mo-9414759359,02906230695    

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