''आत्म प्रशंसा से कहीं ज्यादा जरूरी है कि हम अपनी जिम्मेदारी को समझे।''- डॉ. अनुजा भट्ट on October 15, 2012 Bal Sahitya Sammelan डॉ.विमला भंडारी सलूंबर साहित्य +
सलूम्बर में हुए आयोजन की उदघाटन रिपोर्ट on October 13, 2012 Bal Sahitya Sammelan डॉ.विमला भंडारी सलूंबर साहित्य +
सलूम्बर:-5 दिवसीय लेखन कार्यशाला का समापन on October 12, 2012 Bal Sahitya Sammelan डॉ.विमला भंडारी सलूंबर साहित्य +
‘‘बालिकाओं ने बनाया दीवार अखबार ’’ on October 11, 2012 Bal Sahitya Sammelan डॉ.विमला भंडारी सलूंबर साहित्य +
‘‘बच्चों में साहित्य सृजन की अपार संभावनाएं है......’’ on October 10, 2012 Bal Sahitya Sammelan डॉ.विमला भंडारी सलूंबर साहित्य +
‘‘पंखों में आकाश समेटे चले हमारा काफिला......’’ on October 09, 2012 Bal Sahitya Sammelan डॉ.विमला भंडारी सलूंबर साहित्य +
सलूम्बर में बच्चों की 5 दिवसीय लेखन कार्यशाला का उद्घाटन on October 08, 2012 Bal Sahitya Sammelan डॉ.विमला भंडारी सलूंबर साहित्य +
''विष्णु प्रभाकर रचना और कर्म दोनो में गांधी कें बहुत करीब थे।''-राधा भट्ट on June 24, 2012 कुमार कृष्णन नई दिल्ली विष्णु प्रभाकर साहित्य +
''पत्रिकाएं व अखबार कमोवेश कारपोरेट जगत व साम्रज्यवादी ताकतों के प्रभाव में हैं ''-अशोक नारायण भचार्य on June 21, 2012 साहित्य सिलीगुड़ी +