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विमल अटल और बलदेव शर्मा स्म्रृति व्याख्यान

वरिष्ठ जनवादी आलोचक शिवकुमार मिश्र को जसम की श्रद्धांजलि

मुक्तिबोध लोकतंत्र के अंधेरे की शिनाख्त करने वाले कवि हैं

प्रथम हंसराज रहबर मूल्यांकन गोष्ठी ,दिल्ली में

शमशाद बेगम की शख्सियत के साथ कोई मिक्सिंग संभव नहीं: जन संस्कृति मंच

नयी दिल्ली: ब्लागरों,लेखकों व पत्रकारों को सम्मान

''आज की आलोचना ने हिन्दी की अन्य उपभाषाओं को दरकिनार कर दिया है और जनभाषा के बारे में आलोचक की कोई राय नहीं है।''-बजरंग बिहारी तिवारी

'पूर्वाग्रहों के विरूद्ध' (2011) के लिए प्रियम अंकित को देवीशंकर अवस्थी स्मृति सम्मान-2012

''दर-असल नारी को अपनी जड़ता से मुक्ति लेनी होगी,तभी वह आगे बढ पायेगी।''-डा.शेफाली वर्मा

'निबन्धों की दुनिया' की तीसरी कड़ी का लोकार्पण