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शुक्रवार, अक्तूबर 12, 2012

सलूम्बर:-5 दिवसीय लेखन कार्यशाला का समापन


  • ‘‘बालिकाओं ने संचालित की काव्य गोष्ठी’’
  • सलूम्बर में साहित्यकारों का लगेगा जमवाड़ा
  • कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगा- जोधनिवास में विराट कवि सम्मेलन 
  • 10 साहित्यकारों को सलिला सम्मान से नवाजा जायेगा।  

लेखन कार्यशाला के अंतिम दिन बालिकाओं ने काव्य गोष्ठी का संचालन किया। जिसकी अध्यक्षता बालिका लक्ष्मी कुमावत ने ने की तथा मुख्य अतिथि नेहा जैन रही। कार्यक्रम का संचालन हेमलता जांगिड़ और अंजलि देवड़ा ने किया। 

इस समापन सत्र में बालिकाओं ने अपनी रचनाओं की एक पुस्तक तैयार की। ‘‘चुलबुल, बाल मुस्कान, बालमन, सौन चिरैया, बाल प्रहरी, उजाला, अंसार आदि करीबन 60 हस्तलिखित पुस्तके तैयार की गई।

‘‘विज्ञान से मनुष्य जीवन हुआ आसान विषय पर चित्र बनाए। चित्रकार केशव वरनोती ने सुन्दर चित्राकंन पर बालिकाओं को पुरस्कार दिए। इस समापन सत्र में डा. विमला भंडारी, उदय किरोला, पूंजीलाल वरनोती, चन्द्रप्रकाश मंत्री, मधु माहेश्वरी, जगदीश भंडारी, रतनलाल चैबीसा महेन्द्र जैन, नारायणलाल टेलर एवं शिक्षिकाओं सहित और कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 

दो चरण में होने वाले बाल साहित्यकार सम्मेलन का पहला चरण 5 दिवसीय जनजाति छात्राओं की लेखन कार्यशाला सफलता पूर्वक सम्पन्न हो चुकी है। दूसरे चरण में राजस्थान साहित्य अकादमी व सलिला संस्था के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय बाल साहित्यकार सम्मेलन कल प्रारंभ होगा।

उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि रघुवीरसिंह मीणा, सांसद उदयपुर एवं नरेश दाधीच, उपकुलपति वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय होंगे। अध्यक्षता राजस्थान साहित्य अकादमी के अध्यक्ष वेद व्यास करेगे। विशिष्ट अतिथि डाॅ. रामनिवास ‘मानव’ हिसार,
 मानस रंजन महापात्र, एन.बी.टी., इंडिया 
होगे। जनजाति अंचल का बचपन: साहित्य की सृजनात्मक भूमिका विषय पर बीज वक्तव्य किशन दाधीच देंगे। इस सत्र में सलिला का संस्था गीत लोकार्पित होगा। इसके साथ सलिल प्रवाह नामक संस्था की स्मारिका एवं बाल साहित्य की पुस्तकों का लोकार्पण होगा। 

राष्ट्रीय बालसाहित्यकार सम्मेलन में राज्य एवं देश से लगभग 50 साहित्यकार व 100 छात्राएं  भाग लेंगी। इसमें राजस्थान के अतिरिक्त नई दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, मध्य प्रदेश के साहित्यकार, पत्रकार, बालपत्रिकाओं के संपादक, एवं विभिन्न संस्थाएं शिरकत करेंगी। शिक्षा जगत के अधिकारी, राजस्थान सरकार के प्रशासनिक अधिकारी, राजनेता, अध्ययनरत बाले-बालिकाएं एवं स्थानीय नागरिको की सहभागिता रहेगी।

बाल साहित्यकार सम्मेलन का केन्द्रीय विषय ‘बदलते परिवेश में बालसाहित्य की समसामयिक विवेचना’’ होगा। इस विषय पर तीन पत्रवाचन होंगे। पहला - बालसाहित्य: तब और अब। दूसरा - सूचनात्मक बालसाहित्य: तलाश नई संभावनाओं की। तीसरा - अन्तरजाल पर बालसाहित्य: एक पड़ताल। 

  • लेखन कार्यशाला की बालिकाओं को पुरस्कार दिए जायेंगे। 
  • विराट कवि सम्मेलन का आयोजन शाम 8 बजे जोधनिवास में होगा। 
  • स्वतंत्रता सैनानी औंकारलाल शास्त्री के चित्र का लोकार्पण होगा।
  • कार्यशाला लेखन एवं पुस्तको की प्रदर्शनी लगाई जायगी। 

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