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गुरुवार, अक्तूबर 04, 2012

गांधी कथा:-एक तरिका ये भी


नई दिल्ली
तीस जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति परिसर में 4 अक्टूबर से  शुरू  हो रही गांधी कथा को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। गांधी कथा का यह आयोजन पांच दिनों तक चलेगा। महात्मा गांधी के सचिव महादेव देसाई के 87 वर्षीय सुपुत्र श्री नारायण  देसाई इस कथा को प्रस्तुत करेंगे। आयोजन की पूर्व संघ्या पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री देसाई ने बताया कि गांधी कथा के माध्यम से समाज को समरसता का संदेश देना है। यह उनकी 106वीं कथा है। इस कथा के माध्यम से विश्व की समस्याओं का समाधान मिलता है।
         
उन्होंने बताया कि गांधी कथा की पृष्ठभूमि में गुजरात में 2002 में घटित दंगा की घटनाएं थी।  उनके बाद मन में विचार आया कि इन घटनाओं के प्रति सिर्फ आक्रोश व्यक्त करना काफी नहीं है बल्कि इस दिशा में कुछ रचनात्मक काम किंया जाना चाहिये। इसी दिशा में उन्होंने गांधी कथा घूम-घूमकर कहने का काम किया। उन्होंने कहा कि दंगा समाज के लिये सामाजिक पाप है। गांधी की कथा समाज को जोड़ने का काम करती है। गांधी ने साम्प्रदायिक सद्भाव के लिये अपने प्राणों की आहूति दी । यह सिर्फ दंगों की कथा नहीं है। एक सवाल के जवाब में  उन्होंने बताया कि आरंभ में इस कथा का विरोध हुआ लेकिन पत्र लिखकर  हुआ। गांधी की कथा में नफरत का कोई संदेश नहीं होता है। मौजूदा स्थिति की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि  आज के राजनेता जनता से दूर हो गये हैं । उन्हें जनता से भय लगता है और वे अपनी सुरक्षा के लिये लंवे-चौड़े तामझाम करते हैं। 

एक सवाल के जवाब में आम लोगों की  भागीदारी के संदर्भ में उन्होंने बताया कि गुजरात में गांधी कथा के आयोजनों  में आम लोगों के साथ-साथ कॉलेज के छात्रों की खासी भागीदारी रही है। ऐसे कई आयोजन वहां हुए।  यह दुर्भाग्य की बात है कि इस कथा राजनेताओं  की कोई भागीदारी नहीं है। उन्होंने सरकारी मीडिया के सहयोग के संदर्भ में पूछे गये सवाल के जवाब में बताया कि जब ऐसे जगहों पर कोई संवेदनषील व्यक्ति होता है तो कुछ वेहतर होता है। रूपा मेहता जब कथा के दौरान आयी तो उसे काफी वेहतर लगा। उन्होंने दूरदर्शन के माध्यम से इसे 34 किस्तों में प्रसारित की। इसके प्रसारण से ज्यादा से ज्यादा लोग गांधी कथा के करीब आये।
    
गांधी स्मृति और दर्शन  समिति की निदेशक मणिमाला ने लोगों से अपील की कि गांधी कथा में अधिक से अधिक संख्या में आएं।  गांधी कथा के बहाने नारायण भाई देसाई मौजूदा समय की चिंताओं और सरोकारों को भी उजागर करते हैं जो हमारे लिये मार्गदर्शन है।

कुमार कृष्णन
स्वतंत्र पत्रकार
 द्वारा श्री आनंद, सहायक निदेशक,
 सूचना एवं जनसंपर्क विभाग झारखंड
 सूचना भवन , मेयर्स रोड, रांची
kkrishnanang@gmail.com 
मो - 09304706646

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