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मंगलवार, मई 08, 2012

बाहरी परिस्थितियों से साहित्य कई बार मर सकता हैं लेकिन अंदर से नहीं मरने पर ही साहित्य की सार्थकता हैं।


जनचेतना के लिए करे साहित्य का सृजन: वैष्णव
सलूंबर में लेखक से मिलिए कार्यक्रम

सलूंबर. 5 मई.
वरिष्ठ साहित्यकार एवं सेवा निवृत्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश मुरलीधर वैष्णव ने कहा हैं कि साहित्य में अमरत्व छिपा हैं। मानव द्वारा निर्मित भवन, ईमारते, स्मारक आदि निर्माण झर्झर होकर मिट जाते हैं। लेकिन शब्द अजर हैं इन्हें शब्दों से बना साहित्य कालजयी होता हैं और देश-काल से ऊपर उठकर अमर हो जाता हैं। वैष्णव शनिवार शाम राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर एवं स्थानीय साहित्यिक संस्था सलिला के साझे में आयोजित लेखक से मिलिए कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मौजूदा युग में समाज में कई तरह की विसंगतियां हैं और सरकारी मशीनरी में दिनों-दिन भ्रष्टाचार बढता जा रहा हैं। 

विसंगतियों और भ्रष्टाचार आदि को दूर करने के लिए जनचेतना की जरूरत हैं तथा इस दिशा में साहित्य का सृजन करना मनुष्य के लिए श्रेष्ठ निर्माण साबित होता हैं। उन्होंने सृजन कार्य करते समय डरने की जगह उसमें डूबकर कार्य करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि बाहरी परिस्थितियों से साहित्य कई बार मर सकता हैं लेकिन अंदर से नहीं मरने पर ही साहित्य की सार्थकता हैं। स्थानीय पंचायत समिति सभा भवन में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जल संसाधन विभाग के एक्सईएन कैलाशदान सांदु, विशिष्ट अतिथि प्रख्यात उपन्यासकार हबीब कैफी, डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू थे जबकि अध्यक्ष पंडित सुरेंद्र जैन ने की।

आरंभ में अतिथियों के हाथों सरस्वती के चित्र पर दीप-प्रज्वलन और रामेश्वर चौबीसा की ईश वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरूआत हुई। गजेंद्र गुलशन ने सलिला का संस्था गीत प्रस्तुत किया। नंदलाल परसरामाणी ने स्वागत उद्बोधन दिया। सलिला की संस्थापिका डॉ. विमला भंडारी ने लेखक मुरलीधर वैष्णव के कृतित्व का परिचय दिया। इसी प्रकार डॉ. जुगनु ने वैष्णव के काव्य लेखन, परसरामाणी ने कथा लेखन, स्नेहलता भंडारी ने लघु कथा लेखन, प्राची माहेश्वरी ने बाल साहित्य पर प्रकाश डालते हुए उनकी कृतियों की समीक्षा व विवेचना की। संचालन व आभार ज्ञापन प्रहलाद पारीक ने किया। कार्यक्रम के पश्चात नगर के राजमहल परिसर स्थित हाड़ीरानी स्मारक पर अतिथियों ने पुष्पांजलि अर्पित की तत्पश्चात सलिला परिवार की ओर से लेखक मुरलीधर वैष्णव का अभिनंदन किया गया। इस मौके पर नगर पालिका उपाध्यक्ष शायदा परवीन, बीईईओ जड़ावचंद जैन, पार्षद विनय वैष्णव, निमेश नेमा, पूंजीलाल वरनोती, सुनिल नरसावत, नारायण सकरावत, मनोहरदास वैष्णव, नरेंद्र मिंडा, नारायण टेलर, इंद्रसिंह चौहान, श्यामलाल सोनी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरीक मौजूद थे। 


योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-


डॉ.विमला भंडारी
कहानीकार,इतिहासकार,बाल साहित्यकार होने के साथ ही जन प्रतिनिधि भी हैं.भंडारी सदन, पैलेस रोड, सलूम्बर-313027,Mo-9414759359,02906230695    


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