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गुरुवार, दिसंबर 15, 2011

जनकवि अदम गोण्डवी की हालत चिंताजनक

लखनऊ
लेखकों की ओर से सरकार को ज्ञापन
जनकवि रामनाथ सिंह उर्फ अदम गोण्डवी की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है। अपनी गजलों व शायरी से आम जन में नई स्फूर्ति व चेतना भर देने वाले अदम  लखनऊ के संजय गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान ;पी जी आईद्ध के गेस्ट्रोलॉजी विभाग, पांचवा तल, जी ब्लॉक, बेड न. 3 में भर्ती हैं और अपने जीवन के लिए मौत से पंजे लड़ा रहे हैं। उनकी चेतना जब भी वापस आती है, वे अपने भतीजे दिलीप कुमार सिंह को सख्त हिदायत देते हैं कि मेरे इलाज के लिए सहयोग के लिए अपनी तरफ से न कहो। जैसे कहना चाहते हैं कि सारी जिन्दगी संघर्ष किया है, अपनी बीमारी से भी लड़ेगे। उसे भी परास्त करेंगे। वे आंख खेलते हैं और चारो तरफ अपने साथियों को पाते हैं। उनके चेहरे पर नई चमक सी आ जाती है। एक साथी उन्हें सुनाते है ‘काजू भुनी प्लेट में ह्निस्की ग्लास में/उतरा है रामराज विधायक निवास में’ और अदम अपना सारा दर्द पी जाते हैं और उनके चेहरे पर हल्की सी मुस्कान फैल जाती है।

अदम गोण्डवी का लीवर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। किडनी भी ठीक से काम नहीं कर रहा है। पेट फूला हुआ है। मुँह से पानी का घूँट भी ले पाना उनके लिए संभव नहीं है। खून में होमोग्लोबीन का स्तर भी नीचे आ गया है। सोमवार की रात तीन बोतल खून चढ़ाया गया। संभव है आगे और खून चढ़ाना पड़े। मंगलवार को  अदम गोण्डवी का इन्डोस्कोपी हुआ तथा कई जाँचें की गई। इनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे के इलाज की दिशा तय होगी। पी जी आई के डाक्टरों का कहना है कि अदम गोण्डवी के इलाज में करीब तीन लाख रुपये के आसपास खर्च आयेगा।

‘जनसंदेश टाइम्स’ में उनकी बीमारी की खबर तथा सहयोग की अपील का अच्छा असर देखने में आया है। आज सुबह से ही लेखकों, संस्कृतिकर्मियों का पी जी आई आना शुरू हो गया। कई संगठन और व्यक्ति भी सहयोग के लिए सामने आये। जो किसी कारणवश नहीं पहुँच पाये, वे भी लगातार हालचाल पूछते रहे। पहुँचने वालों में वीरेन्द्र यादव, प्रो0 रमेश दीक्षित, राकेश, भगवान स्वरूप कटियार, आर0 के0 सिन्हा, श्याम अंकुरम, आदियोग, संजीव सिन्हा, पी सी तिवारी, रामकिशोर आदि प्रमुख थे। 

अदम गोण्डवी के इलाज के लिए सहयोग जुटाने के मकसद से कई संगठन सक्रिय हो गये हैं। जसम, प्रलेस, जलेस, कलम, आवाज, ज्ञान विज्ञान समिति आदि संगठनों की ओर से राज्यपाल व मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया तथा उनसे माँग की गई कि अदम गोण्डवी के इलाज का सारा खर्च प्रदेश सरकार उठाये। ऐसा ही ज्ञापन उŸार प्रदेश हिन्दी संस्थान और भाषा संस्थान को भी भेजा गया है। लेखक संगठनों का कहना है कि अदम गोण्डवी ने सारी जिन्दगी जनता की कविताएँ लिखीं, जन संघर्षों को वाणी दी। ये हमारे समाज और प्रदेश की धरोहर है। इनका जीवन बचाना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। वह आगे आये। रचना व साहित्य के लिए बनी सरकारी संस्थाओं का भी यही दायित्व है।

ज्ञात हो कि कल सोमवार 12 दिसम्बर को अदम गोण्डवी को गोण्डा से लखनऊ के पी जी आई में लाया गया था। उनकी हालत काफी गंभीर थी। वे नीम बेहोशी की हालत में थे। कई घंटे वे बिना भर्ती व इलाज के पड़ रहे। इससे उनकी हालत और भी खराब होती गई। बाद में पी जी आई के इमरजेन्सी में भर्ती हुए। सबसे बड़ी दिक्कत पैसे की थी। परिवार के पास इलाज के लिए पैसे नहीं थे। सबसे पहले मुुलायम सिंह यादव का सहयोग सामने आया। उन्होंने पचास हजार का सहयोग दिया। ए डी एम, मनकापुर ने दस हजार का सहयोग दिया। गोण्डा में जिस प्राइवेट नर्सिंग होम में उनका इलाज चला, वहाँ के डाक्टर राजेश कुमार पाण्डेय ने दस हजार का सहयोग दिया। 

कल से चले इलाज से इतना फर्क आया है कि कल जहाँ वे नीम बेहोशी में थे, आज वे लोगों को पहचान रहे हैं तथा थोड़ी.बहुत बातचीत भी कर रहे हैं। लेकिन अदम गोण्डवी का यह इलाज लम्बा चलेगा। इसमें अच्छे खासे धन की जरूरत होगी। इसके लिए सभी को जुटना होगा। उस समाज को तो जरूर ही आगे आना होगा जिसके लिए अदम गोण्डवी ने सारी जिन्दगी संघर्ष किया। कहते हैं बूँद बूद से घड़ा भरता है। लोगों का छोटा सहयोग भी इस मौके पर बड़ा मायने रखता है। वे सहयोग के लिए आगे आ सकते हैं। इस सहयोग से हम अपने कवि का जीवन बचा सकते हैं।
उनके बारे में जानकारी देता एक आलेख यहाँ क्लिक देखा,पढ़ा  जा सकता है.

सहयोग के लिए सम्पर्क है: दिलीप कुमार सिंह 09958253708

सूचना स्त्रोत :-कौशल किशोर 

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