प्रेस विज्ञप्ति: राग,रामधुन और मांड ने मन मोहा - Apni Maati: News Portal

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

बुधवार, सितंबर 02, 2015

प्रेस विज्ञप्ति: राग,रामधुन और मांड ने मन मोहा

प्रेस विज्ञप्ति 
राग,रामधुन और मांड ने मन मोहा
स्पिक मैके की विरासत-2015 आयोजन श्रृंखला  

चित्तौड़गढ़ 1 सितम्बर 2015

चित्तौड़गढ़ जिले में स्पिक मैके ने सालों बाद वायलिन वादन की प्रस्तुतियां आयोजित की इससे पहले यहाँ डॉ. एन.राजम आ चुकी थी। विरासत में मंगवार के दिन सांवलिया मंदिर मंडल के सहयोग से प्रख्यात वायलिन गुरु अनुप्रिया देवताले ने दो कार्यक्रम पेश किये विरासत श्रृंखला में हो रहे इन कार्यक्रमों में एक सितम्बर सुबह गांधी नगर स्थित विशाल अकादमी स्कूल में पहली अनुभूति दी जिसमें उन्होंने राग बसंत मुखारी पर आलाप, जोड़, झाला बजाया। फिर विद्यार्थियों को वायलिन और तबले जैसे वाद्यों की संगीत यात्रा का इतिहास भी सुनाया। बाद के सत्र में रघुपति राघव राजाराम का वादन करते हुए उपस्थित श्रोताओं से सस्वर पाठ भी कराया। माहौल भक्तिरस में डूब गया। प्रसिद्द हिंदी कवि चंद्रकांत देवताले की बेटी अनुप्रिया ने एक घंटे तक तन्त्रकारी और लयकारी का अद्भुत समन्वय करते हुए ध्यान में ले जाने के लिए बहुत हद तक श्रोताओं को प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने बातचीत में स्कूली शिक्षा के दौरान संगीत को विषय के तौर अनिवार्य करने की ज़रूरत भी व्यक्त की। इस मौके पर कलाकारों का स्वागत स्कूल निदेशक बंशीधर कुमावात, अध्यापिका रंजू शर्मा, स्पिक मैके अध्यक्ष डॉ. खुशवंत सिंह कंग, उपाध्यक्ष डॉ.आर.के.दशोरा, समन्वयक जे.पी.भटनागर ने किया। स्पिक मैके आन्दोलन के बारे में सहसचिव शाहबाज पठान ने परिचय दिया। मंच संचालन राष्ट्रीय सलाहकार माणिक ने किया

दूसरे कार्यक्रम के संयोजक और राजकीय महाविद्यालय, मण्डपिया के प्राचार्य जेपी जोशी ने बताया कि पहली बार कस्बाई इलाके में हुए स्पिक मैके संस्कृति के आयोजन को विद्यार्थियों ने खूब तन्मयता के साथ सुना और सराहा भी। मंगलवार दोपहर साढ़े ग्यारह बजे हुई प्रस्तुति में यहाँ भी राग बसंत मुखारी के साथ ही श्रोताओं की पसंद पर राजस्थानी मांड में निबद्ध केसरिया बालम पधारो म्हारे देस की प्रस्तुति दी। छात्रों के साथ कलाकार की संवाद और प्रश्नोत्तरी से कार्यक्रम यादगार बन पड़ा। अनुप्रिया शास्त्रीय संगीत के साथ ही फ्यूजन में महारथ हासिल कलाकार हैं गौरतलब है कि देवताले की तालीम जानेमाने सारंगी वादक पंडित रामनारायण और सरोद वादक उस्ताद अमज़द अली खान से ली है। उन्होंने यहाँ ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं से देर तक बातचीत कर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया। आखिर में अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुरेश चन्द्र ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मण्डपिया क्षेत्र की शैक्षणिक संस्थाओं में मंदिर मंडल आगे भी स्पिक मैके आयोजन करवाता रहेगा ताकि बच्चों को हमारी साझी धरोहर से परिचित होने का अवसर मिल सके। प्रस्तुति में अनुप्रिया देवताले और तबला वादक ज़ुहेब अहमद खान का स्वागत छात्रसंघ अध्यक्ष पंकज गर्ग और महासचिव मीनाक्षी शक्तावत ने किया।मंच संचालन राज्य सचिव अनिरुद्ध और कॉलेज के हिंदी प्राध्यापक डॉ.राजेश चौधरी ने किया।आयोजन के बाद मंदिर मंडल के न्यासी अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुरेश चन्द्र के सानिध्य में कलाकारों ने सांवलिया सेठ के दर्शन किए और उन्हें बोर्ड की तरफ से विशेष महाप्रसाद भेंट किया गया

चित्तौड़ इकाई सह सचिव पूर्णिमा मेहता के अनुसार विरासत के आगामी आयोजनों में नौ सितम्बर को ध्रुपद गायिका सोमबाला कुमार अपनी प्रस्तुतियां देंगी। पहला कार्यक्रम सुबह दस बजे आलोक स्कूल,सूरजपोल और दूसरा आयोजन साढ़े बारह बजे विजन स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट में होगा

सांवर जाट,स्पिक मैके चित्तौड़ सचिव

कोई टिप्पणी नहीं:

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

पेज