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गुरुवार, सितंबर 10, 2015

प्रेस विज्ञप्ति: संगीत बेहतर इंसान तैयार करता है-सोमबाला

प्रेस विज्ञप्ति 
संगीत बेहतर इंसान तैयार करता है-सोमबाला
गुरुवार को भी होंगे ध्रुपद गायन के दो आयोजन 

चित्तौड़गढ़ 9 सितम्बर 2015

अपने गुरु के सानिध्य में हमने संगीत के साथ-साथ जीवन जीने की कला भी सीखी थी।शास्त्रीय विधाओं को अगर थोड़ा वक़्त दें तो हम समझ जायेंगे कि बेहतर संगीत का चयन हमारे भीतर के इंसान को एक बेहतर आदमी में बदलता है।गणित और विज्ञान के साथ ही संगीत भी उतना ही महत्व रखना है। हमारी शिक्षा प्रणाली में ललित कलाओं के साथ ही क्राफ्ट, संगीत आदि को इतना कम महत्व दिया जा रहा है कि हमारी नई पीढ़ी में संवेदनाएं ख़त्म होती जा रही है। उठने, बैठने, बोलने, सुनने और देखने की तहज़ीब इन्हीं संगतों और सभाओं से आती है।मैंने इस यात्रा में कई ऐसे बच्चे देखें हैं जो शास्त्रीय विधाओं की संगत में रहते हुए खुद को अध्ययन-अध्यापन में ज्यादा अच्छी स्थित में अनुभव करते हैं। आज के दौर में पैसों की दौड़ ने इंसानों की संवेदनाओं को लील लिया है।हम भटक गए हैं। हमें हमारी ही विरासत का भान नहीं रहा। वक़्त रहते सचेत होना होगा वरना अन्धानुकरण हमें डुबो देगा

यह विचार हिन्दुस्तान की लगभग एकमात्र ध्रुपद गायिका सोमबाला कुमार ने स्पिक मैके की विरासत श्रृंखला में चित्तौड़ प्रवास के दौरान व्यक्त किए। आन्दोलन की चित्तौड़ इकाई की सहसचिव पूर्णिमा मेहता ने बताया कि सांवलिया मंदिर मंडल के सहयोग से बुधवार को ध्रुपद गायन की दो प्रस्तुतियाँ हुयी जिनमें पहला आयोजन सुबह दस बजे सूरजपोल स्थित आलोक स्कूल में हुआ। संस्थान के विद्यार्थियों ने पहली बार स्पिक मैके आन्दोलन से जुडी प्रस्तुति सुनी जहां शुरुआत में सरगम का अभ्यास करवाया गया।बाद के सत्र में राग-रागिनियों के दर्शन करवाए। संयोजन सम्बन्धी समस्त गतिविधियाँ प्राचार्य पुष्पा जोशी के सानिध्य में विद्यार्थियों ने ही की।आलोक संस्थान की तरफ से कलाकारों को स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए हैं

दूसरी प्रस्तुति बोजुन्दा स्थित विजन स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट में दोपहर साढ़े बारह हुई हुयी.नाद योग के रूप में प्रस्तुत इस प्राचीन गायन परम्परा का विद्यार्थियों ने दिल से स्वागत किया। कॉलेज निदेशक डॉ. साधना मंडलोई के अनुसार कलाकारों का अभिनन्दन और दीप-प्रज्ज्वलन स्पिक मैके उपाध्यक्ष डॉ. आर.के. दशोरा, कॉलेज व्याख्याता शिल्पा शक्तावत, बस्सी फोर्ट पैलेस निदेशक महेंद्र कँवर, वरिष्ठ सलाहकार कर्नल रणधीर सिंह ने किया। गायन की शुरुआत आलाप के साथ ध्रुपद की बारीकियां बताने से हुयी। आलाप के दौरान श्रोताओं ने ध्यान किया। बाद में राग भीमपलासी पेश किया तो उसमें आयी नयी शब्दावली को सुन विद्यार्थियों ने आश्चर्य के साथ रोमांच की अनुभूति पाई। फिर राग मेघ में मध्यलय के साथ तुम ही रब तुम ही साहिब पेश की जिसे सभी ने खूब सराहा।आखिर में श्रोताओं की फरमाईश पर राग भैरवी में सरस्वती वंदना के रूप में जगत जननी ज्वालामुखी माता पेश की। प्रस्तुति के बीच में सोमबाला कुमार ने संगीत यात्रा के कई किस्से भी सुनाए।कार्यक्रम का संचालन कॉलेज प्रोफ़ेसर महेंद्र नंदकिशोर ने किया। सहसचिव शाहबाज पठान, सदस्य अब्दुल रहमान, जावेद शेख ने सूत्रधार के रूप में भूमिका अदा की। पखावज पर पृथ्वीराज कुमार ने संगत की

स्पिक मैके समन्वयक जेपी भटनागर ने बताया कि दस सितम्बर को भी ध्रुपद गायन के दो आयोजन होंगे। सुबह पौने दस बजे गांधी नगर स्थित विद्या निकेतन सेकंडरी स्कूल और दोपहर बारह बजे मण्डपिया स्थित राजकीय महाविद्यालय में प्रस्तुतियां होंगी। स्कूल प्रधानाध्यापक महेंद्र सिसोदिया और कॉलेज के प्राचार्य जेपी जोशी इन कार्यक्रमों का संयोजन देख रहे हैं

सांवर जाट,स्पिक मैके चित्तौड़ सचिव

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