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मंगलवार, सितंबर 02, 2014

प्रेस विज्ञप्ति हमारा संगीत हमें भीतर से बदलता है-श्रीनिबास

प्रेस विज्ञप्ति 
हमारा संगीत हमें भीतर से बदलता है-श्रीनिबास
बुधवार को होंगे पंडित विश्व मोहन भट्ट के दो कार्यक्रम

चित्तौड़गढ़  2 सितम्बर,2014

हमारा भारतीय संगीत विद्यार्थियों के लिए ध्यान केन्द्रण के लिहाज से बहुत उपयोगी है। अव्वल तो संगीत का शौक होना ही बेहतर इंसान होने की निशानी है मगर हमें दिन में पंद्रह मिनट शास्त्रीय संगीत भी सुनना चाहिए। इस तरह की संगत हमें भीतर से बदलाव को प्रेरित करती है। आज की युवा पीढ़ी में बहुत प्रतिभा और कौशल हैं मगर उसे ठीक दिशा देना हम प्रौढ़ मित्रों का जिम्मा है।सांगीतिक सभाएं आदात निर्माण का सबसे सहज तरिका हो सकती है। वर्षों पुरानी हमारी यह शास्त्रीय संगीत की विरासत पूरी तरह से विज्ञान से प्रभावित है हमें इसका लाभ उठाना ही चाहिए

यह विचार युवा बाँसुरी वादक श्रीनिबास सतपति ने स्पिक मैके चित्तौड़ द्वारा आयोजित विरासत के शुरुआती कार्यक्रम में व्यक्त किए। गांधी नगर स्थित विशाल अकादमी सीनियर सेकंडरी स्कूल में आयोजित प्रस्तुति में कलाकारों का अभिनन्दन और दीप प्रज्ज्वलन संस्था के सचिव बी.डी. कुमावत, संगीत अध्यापक महेन्द्रपाल सिंह, विरासत सह संयोजक सांवर जाट ने किया वहीं कलाकारों की जीवन यात्रा और स्पिक आन्दोलन के बारे में स्कूली छात्रा प्राची गुप्ता और अक्षिता पारीक ने अपने विचार व्यक्त किए। साझे रूप में हो रही इस श्रृंखला के इस मौके पर तबला वादक के रूप में उस्ताद शाबीर खान के शिष्य कुलामणी साहू ने यादगार संगत की। कार्यक्रम का संचालन विरासत संयोजक संयम पुरी ने किया

सतपती ने अपनी प्रस्तुति में विद्यार्थियों को लय, तान, राग, आलाप की पारिभाषिक शब्दावली में उलझाने बजाय सीधे ध्यान के ज़रिये बांसुरी के सुरों से जोड़ने का रास्ता चुना जिससे सभी मंत्र मुग्ध हुए।लगभग चार बच्चों से भरे सभागार में यह संगीतमयी सुबह उस समय यादगार बन पड़ी जब सतपति ने धुनें बजाकर बोल पूछने की प्रश्नोत्तरी की।इस बीच कलाकारों ने वाध्य यन्त्र की बनावट और शास्त्रीय संगीत के इतिहास से भी कुछ ज़रूरी बातें बतायी।बच्चों को वन्दे मातरम, वैष्णव जन तो तेने कहिये जैसी रचनाएं भी सुनने को मिली

प्रसिद्द कन्नड़ लेखक यु. आर. अनंतमूर्तिजनपक्षधर बंगाली कवि नवारुण भट्टाचार्ययोग गुरु बी.के.एस. अयंगारचिन्तनशील चित्रकार ज़ैनुल आबेदीन और नामचीन अभिनेत्री जोहरा सेगल की याद में आयोज्य विरासत-2014 के अंतर्गत तीन सितम्बर को पद्मश्री पंडित विश्व मोहन भट्ट अपने दो कार्यक्रम देंगे जिनमें तबले पर पंडित किशन महाराज और के शागिर्द पृथ्वीराज मिश्र संगत करेंगे। स्पिक मैके अध्यक्ष डॉ. ए एल जैन के अनुसार पहला आयोजन सुबह साढ़े दस बजे सेंथी स्थित सेन्ट्रल अकादमी सीनियर सेकंडरी स्कूल और फिर दोपहर दो बजे गांधी नगर स्थित मेवाड़ गर्ल्स कॉलेज में होगा। इन दोनों प्रस्तुतियों का संयोजन कॉलेज निदेशक डॉ.एस.एल.सुथार और स्कूल प्राचार्य अश्रलेश दशोरा करेंगे

राजकीय विद्यालयों में इन दिनों चल रही नृत्य कार्यशालाओं के बारे में स्पिक मैके राष्ट्रीय कार्यकारिणी जे.पी.भटनागर के कहा कि चित्तौड़ में भरतनाट्यम नृत्यांगना अरुपा लाहिड़ी तीन सितम्बर को तीन कार्यशालाएं करेंगी। जिनमें सुबह ग्यारह बजे राबाउमावि स्टेशन, दिन में डेढ़ बजे उप्रावि भंवरकिया और तीन बजे राबाउमावि सिंहपुर शामिल हैं

डॉ.राजेन्द्र सिंघवी
स्पिक मैके उपाध्यक्ष

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