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मंगलवार, जून 10, 2014

स्पिक मैके का सालाना विरासती आयोजन आईआई टी मद्रास में आरम्भ

प्रेस विज्ञत्ति 
स्पिक मैके का सालाना विरासती आयोजन आईआई टी मद्रास में आरम्भ 

चैन्नई दस जून,

साढ़े तीन दशक से संचालित सांस्कृतिक छात्र आंदोलन स्पिक  मैके का अंतर्राष्ट्रीय अधिवेशन  को आईआईटी मद्रास में आरम्भ हुआ।चौदह जून तक  चलने वाले आयोजन में हिन्दुस्तानभर के 1300 प्रतिभागियों के साथ ही सत्रह देशों के लगभग सौ प्रतिभागी भी आए हुए हैं। आपसी संवाद और विमर्श के ज़रिये यह सांस्कृतिक समारोह अपने तीसरे दिन भी कई यादगार प्रस्तुतियों के सराबोर रहा। आश्रमनुमा माहौल में विद्यार्थी सुबह चार से सात बजे तक छ अलग-अलग सत्रों में हठयोग और नादयोग की अनुभूति में अपने हिस्से की रोशनी  पैदा कर रहे हैं।व्यस्ततम दिनचर्या के बीच तमाम  तरह से प्राकृतिक आबोहवा में हैं।सुबह नौ से दोपहर बारह बजे तक देश कई नामी कलाकारों के साथ कार्यशालाओं में संगत कर रहे हैं।कोई हस्तकलाओं सानिध्य में हैं तो कोई शास्त्रीय नृत्य विधाओं  मुखातिब हो है।

हमारी इस अमोल धरोहर आभास करवाता यह स्पिक  मैके आयोजन अपनी ऊंचाइयों की तरफ बढ़ है।हॉलिस्टिक फ़ूड,व्यायाम,श्रमदान जैसी छोटी-छोटी गतिविधियों के ज़रिये यहां आदतों बेहतर बदलाव कोशिशें की है।गौरतलब है कि आठ जून को हुए आगाज़ में मिजोरम और पांडिचेरी के राज्यपाल,आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो भास्कर राममूर्ति सहित कई  सहित नामी चिंतक,कलाकार और पत्रकार मौजूद थे।इसी मौके पर हैदराबाद की लेखिका माधवी के सम्पादन में प्रकाशित स्मारिका भी विमोचन हुआ।शास्त्रीय,गायन,वादन से सजी शामें  ध्यान खींच रही है।रविवार की शाम जहां बनारसी अंदाज़ की गायिका विदुषी गिरिजा देवी और कर्नाटकी शैली में वायलिन बजाने वाले प्रो टी एन कृष्णन ने कन्वेंशन को सुरमयी शुरुआत दी।वहीं सोमवार  संगीत कलानिधि डॉ आर वेदवल्ली के कर्नाटकी गायन और पद्मविभूषण डॉ पद्मा सुब्रमण्यम की भरतनाट्यम प्रस्तुति के नाम रही।डॉ पद्मा ने अनम्माचार्य कीर्तन ब्रह्मम ओकटे और अर्धनारीश्वर शीर्षक से अभिनय प्रस्तुत कर सभी का मन लिया।

मंगलवार दोपहर मेलत्तूर नटराजन और उनके संगतकारों ने प्राचीन नाट्य परम्परा भागवतमेला प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने भस्मासुरवध कहानी पर नाट्याभिनय किया।नाट्यमण्डली के के अभिनय में संवाद और संगीत संयोजन बहुत सटीक और मधुर रहे।परम्परा के करीब  प्रस्तुति  प्रतिभागियों ने पंडित विनायक तोर्वी का हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायन,आर एस जयलक्ष्मी का वीणा वादन,डॉ मालविका मित्रा का कथक और पंडित फाल्गुनी मित्रा का ध्रुपद गायन भी सुना देखा।

 कन्वेशन संयोजक चिन्मय अर्जुन राजा अनुसार ग्यारह जून बुधवार को दिन में एक बजे हैदराबाद के प्रसिद्द क़व्वाल नज़ीर अहमद और नसीर अह्मद वारसी कव्वालियां प्रस्तुत करेंगे।दोपहर ढ़ाई  बजे फिल्मकार अड्डूर गोपालकृष्णन की एक फिल्म का प्रदर्शन और उनके साथ प्रश्नोत्तरी मौक़ा भी आयोजित होनी है।शाम के कार्यक्रमों में शाम छ बजे कर्नाटकी शैली के गायक टी एन शेषगोपालन की प्रस्तुति होगी।


माणिक 
स्पिक मैके सदस्य

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