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गुरुवार, सितंबर 13, 2012

राजकीय विद्यालयों में चौदह सितम्बर को सौंवी कार्यशाला

प्रेस विज्ञप्ति

राजकीय विद्यालयों में चौदह सितम्बर को सौंवी कार्यशाला 

स्पिक मैके  के संभागीय समन्वयक जे पी भटनागर के अनुसार इस  सत्र में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को सीखाने के उद्देश्य से शुरू की गयी इन कार्यशालाओं की सौंवी प्रस्तुति चौदह सितम्बर को होगी। अब तक राजस्थानी लोक गायन के सत्तर आयोजन,दस संतूर वादन के,दस कथक  नृत्य के हो चुके हैं फिलहाल ओडिसी नृत्य के आयोजन जारी हैं।  गीतांजली आचार्य द्वारा गुरुवार को भी दो आयोजन किये गए जिनमें उप्रावि  डेट  स्कूल में अध्यापक बसन्ती लाल पंचोली,चावंड सिंह, डॉ ज्योति सुराना, मनोज चस्ता और अरविन्द व्यास ने शिरकत की। बच्चों  ने पूरे मन से नृत्य को अनुभव किया। दूसरा कार्यक्रम बालिका स्कूल पुठोली में हुआ जहां सारा दायित्व प्रधानाध्यापिका अनुराधा नारानिया और अनिता शर्मा ने निभाया। गीतांजली आगामी दो दिन में पांच कार्यक्रम देगी। चौदह सितम्बर को आयोज्य प्रस्तुतियों में सुबह नौ बजे माध्यमिक विद्यालय ओछड़ी और ग्यारह बजे बालिका उप्रावि ओछड़ी में होगा। सर्व शिक्षा अभियान के सुभाष शर्मा के अनुसार शुक्रवार को ही शाम पांच बजे नाहरगढ़ स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूल में विशेष प्रस्तुति होगी। इसी तरह  पंद्रह सितम्बर को सुबह दस बजे उप्रावि खोर में नारायण सिंह और साढ़े  ग्यारह  बजे बालिका उप्रावि  अरनियापंथ  में उषा वैष्णव के नेतृत्व में कार्यक्रम होने हैं।

आरूषि मुदगल द्वारा कैलाश विद्या विहार में नृत्य की प्रस्तुति

इधर बारह सितम्बर को कैलाश विद्या विहार, निम्बाहेड़ा के सभागार में स्पिक मैके- चित्तौड़ चैप्टर के तत्वावधान में गंधर्व महाविद्यालय दिल्ली की नृत्य कलाकार आरुषी मुदगल द्वारा अपने सहकलाकारों के साथ ओडिसी नृत्य की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई। प्रस्तुत कार्यक्रम की अध्यक्षता जे.के. सीमेंट वर्क्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं कैलाश नगर शिक्षण समिति के उपाध्यक्ष एम. एल. गोयल द्वारा की गई।

इस नृत्य कलाकार ने पॉंच वर्ष की उम्र से ही अपनी गुरु पद्मश्री माधवी मुद्गल से नृत्य कला सीखी। अपने दादा पद्मश्री पंडित विनय चन्द्र मुद्गल द्वारा स्थापित गंधर्व महाविद्यालय दिल्ली में यह कलाकार नृत्य की शिक्षा दे रही है।  आज यह महाविद्यालय आरुषी मुद्गल के पिता पद्मश्री मधुप मुद्गल के सानिध्य में अंतर्राष्ट्रीय नृत्य कलाकारों को तैयार कर रहा है। इस कलाकार ने अपनी संक्षिप्त किन्तु भावपूर्ण औडिसी नृत्य प्रस्तुति देते समय विद्यालय के छात्र-छात्राओं को नृत्य की बारीकियों एवं भाव-भंगिमाओं से भी परिचित करवाया। नृत्यांगना आरुषी विश्व स्तरीय कलाकार हैं। इस कलाकार ने भारत में ही नहीं अपितु ब्राजील, फ्रांस, जर्मनी,  और इंगलैड में भी अपने नृत्य की प्रस्तुतियां दी हैं। इन्हें राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेकों सम्मान से सम्मानित भी किया गया हैं। राष्ट्रीय बाल भवन दिल्ली द्वारा सन् 2002 में बाल श्री एवार्ड और सन् 2006 में नृत्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया हैं।


डॉ ए  एल जैन 

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