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शुक्रवार, सितंबर 14, 2012

भारतीय संस्कृति बहुत समृद्ध हैं-गीतांजली आचार्य

प्रेस विज्ञप्ति

भारतीय संस्कृति बहुत समृद्ध हैं-गीतांजली आचार्य

युवा नृत्यांगना गीतांजली आचार्य ने स्पिक मैके बेनर तले शुक्रवार को ओछाड़ी  में अपनी दो प्रस्तुतियों के दौरान कहा कि  हमारी भारतीय संस्कृति बहुत समृद्ध है। हमें अपनी युवा पीढ़ी  को समय रहते इस विरासत के विभिन्न पक्षों से अवगत करना चाहिए। मुझे लगता है कि देश के बहुत से ज्ञानशील और बड़े गुरु के पास शिष्यों को समय गुज़राना चाहिए। साथ ही हमारी ललित कलाओं के अनुभव और प्रशिक्षण लेकर उन्हें खुद में उतारना चाहिए।

पहले माध्यमिक विद्यालय में हुए आयोजन में प्रधानाध्यापक जगदीश जोशी ने कलाकारों का स्वागत किया।दुसरे कार्यक्रम में भी सुश्री आचार्य ने विद्यार्थियों को नवरसों का भावपूर्ण अभिनय करके उनका महत्व बताया। इसी बीच शिव तांडव  की भी झलक देखने को मिली।पूरी तरह से हमारी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े आख्यान पर ओडिसी नृत्य की सभी रचनाओं का प्रदर्शन दर्शकों ने बहुत सराहा। बच्चों ने बड़े चाव से भगवान् कृष्ण से जुडी लीलाओं का भी आस्वादन किया। यहाँ प्रधानाध्यापिका सुलोचना सिसोदिया के साथ ही जिला अग्रणी बेंक प्रबधंक डीपी बैरवा,स्पिक मैके  अध्यक्ष डॉ ए  एल जैन, संभागीय समन्वयक जे पी भटनागर, डॉ ए बी सिंह ,डाईट  उपाचार्य मीना रागानी सहित स्थानीय ग्रामीणों के साथ दिग्विजय सिंह ने भी कलाकारों का स्वागत किया।

गीतांजली पंद्रह सितम्बर को अपनी आख़िरी प्रस्तुति सुबह साढ़े  ग्यारह बजे उप्रावी बालिका अरनिया पंथ स्कूल में देगी।यहाँ कार्यक्रम की सूत्रधार नोडल प्रभारी उषा वैष्णव रहेगी।

डॉ ए  एल जैन  

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