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शुक्रवार, जुलाई 06, 2012

पुरुष प्रधान समाज के इस सोच को आज बदलने की जरूरत है


चाईबासा, 17 जून 
जिसने रचायी दुनियां, जिसने बसायी दुनियां वह बेटी है अनमोल भाइया बेटी है अनमोल आदि गीतों को लिये इप्टा के कलाकार स्वास्थ्य विभाग के सौजन्य से बिटिया बचाओ अभियान के तहत कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ नुक्कड़ नाटक 'मुझे मत मारो' का मंचन सदर प्रखंड के तांबो चौक मेरी टोला, भुइंया टोला, बरकांदजटोली, हिंद चौक, गाड़ीखाना, पोस्ट आफिस चौक, महुलसाई, गुटुसाई नरसंडा आदि ग्राम में कर ग्रामीणों को जागरूक किया।
  
प्रस्तुत नाटक में कलाकारों ने से बताया कि बेटी मां, मौसी, बहन और जीवन साथी होती है। जीवन की गाड़ी में वो भी एक पहिया होती है। हर एक नाजुक पल की साथी होती है। फिर भी उनके साथ निर्दयी व्यवहार होता है। लोग अपने स्वार्थ में इस कदर अंधे हो जाते हैं कि निर्ममता की हद पार कर देते है। पहले तो वे लिंग की जाच करवाते हैं और कन्या भ्रुण का पता चलने पर गर्भ में ही उसकी निर्मम हत्या करवा देते हैं। कलाकारों ने यही बतलाया कि कन्या भ्रूण हत्या एक अमानवीय कृत तो है ही साथ ही कानूनी अपराध भी है। इसके लिए सख्त सजा होती है। चंद पैसों के लालच में आज डाक्टर गैरकानूनी ढंग से लिंग का जाच करते हैं जो कानूनन अपराध है और उसके लिए भी सख्त सजा और दंड का प्रावधान है।

पुरुष प्रधान समाज के इस सोच को आज बदलने की जरूरत है आज के दौर में बेटा और बेटी दोनों बराबर है। जो काम बेटा कर सकता है वो बेटी भी काम कर सकती है। आज देश की प्रथम महिला प्रतिभा पाटिल, तीरंदाज दीपिका कुमारी, शटकर शायना नेहवाल, आदि अनेकों उदाहरण है। प्रकाश कुमार गुप्ता द्वारा निर्देशित इस नाटक में किशन कुमार जायसवाल, संजय कुमार चौधरी, शिवलाल शर्मा, अभिजीत डे, राजेश कुमार, नरेश राम, पूजा कुमारी, किशोर साव, प्रकाश गुप्ता, आदि कलाकारों ने अभिनय किये।

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