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शुक्रवार, अप्रैल 13, 2012

Writer Dr. Girirajsharan Agrawal

डॉ. गिरिराजशरण अग्रवाल
पूर्व रीडर एवंअध्यक्ष
स्नातकोत्तरहिन्दी एवंशोध विभाग,
वर्धमान स्नातकोत्तरमहाविद्यालय, बिजनौर (.प्र.)

(सन्नाटे में गूँज(ग़ज़लें, 1987), नीली आँखेंऔर अन्यएकांकी (1994), जिज्ञासा और अन्य कहानियाँ(1994), बाबू झोलानाथ (व्यंग्य, 1994), समय एकनाटक (ललितनिबन्ध, 1994), बच्चों के शिक्षाप्रद नाटक(1994), भीतर शोर बहुत है (ग़ज़लें, 1996), राजनीति में गिरगिटवाद (व्यंग्य, 1997), दंगे : क्यों और कैसे(1996), विश्व आतंकवाद : क्यों और कैसे(1997), हिंदी पत्रकारिता : विविध आयाम (1997); आओअतीत मेंचलें (1998), मानवाधिकार : दशा और दिशा(1998), ग़ज़ल और उसका व्याकरण (1999), मौसम बदल गया कितना(ग़ज़लें 1999), बच्चों के हास्य-नाटक(2000), बच्चों के रोचक नाटक (2000), ग्यारहनुक्कड़ नाटक(2000), नारी : कल और आज (2001), पर्यावरण: दशा औरदिशा (2002), हिंसा : कैसा-कैसी (2003), रोशनीबनकर जिओ(ग़ज़लें, 2003); वादविवाद प्रतियागिता: पक्ष औरविपक्ष (2004), मंचीय व्यंग्य एकांकी (2004), मेरेइक्यावन व्यंग्य(2005), शिकायत करो तुम (ग़ज़लें, 2006), अक्षर हूं मैं (काव्य 2008), मेरीहास्य-व्यंग्यकविताएँ (2008), आदमी है कहाँ (ग़ज़लसंग्रह 2010)

लगभग 40 वर्ष तकविश्व्विद्यालय कालेज में अध्यापन किया।ग़ज़ल, एकांकी, हास्यव्यंग्य, समीक्षा, कविता, कहानी, ललितनिबंध आदिविधाओं में150 से अधिकपुस्तकों काप्रकाशन हुआहै। मुख्यपुस्तकें : सन्नाटे में गूँज, भीतरशोर बहुतहै, मौसमबदल गयाकितना, रोशनीबनकर जिओ, शिकायत करो तुम(ग़ज़लें), बाबू झोलानाथ, राजनीति मेंगिरगिटवाद, मेरे इक्यावन व्यंग्य, समयएक नाटक(ललित निबंध), बच्चों केशिक्षाप्रद नाटक, दंगे: क्यों औरकैसे, विश्वआतंकवाद : क्यों और कैसे, आओअतीत मेंचलें, मानवाधिकार: दशा औरदिशा, ग्यारहनुक्कड़ नाटक, नारी : कलऔर आज, पर्यावरण : दशा और दिशा, हिंसा: कैसा-कैसी, मंचीय व्यंग्यएकांकी, अक्षरहूँ मैं(काव्य), मेरीहास्य-व्यंग्यकविताएँ, देशऔर विदेशके अनेकविश्वविद्यालयों में मेरे साहित्य पर15 से अधिकछात्रों कोपीएचडी कीउपाधि प्राप्तहो चुकीहै.अनेकसम्मान औरपुरस्कारों में मुख्य हैं : उत्तरप्रदेश हिन्दीसंस्थान कासूर पुरस्कार, उत्तर प्रदेशहिन्दी संस्थानका साहित्यभूषण 2008, केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय मानवसंसाधन विकासमंत्रालय काएक लाखरुपए का'शिक्षा' पुरस्कार2008, 'शोध दिशा' त्रैमासिक के प्रधानसम्पादक, देशऔर विदेशके विश्वविद्यालयोंमें हिन्दीविषय मेंसम्पन्न शोधकार्यों कीवर्गीकृत विवरणिकाएंपाँच खंडोंमें 'शोधसन्दर्भ' केनाम सेप्रकाशित।

प्रमुख दायित्व

पत्रकारिता : प्रधान संपादक 'शोध दिशा' (त्रैमासिक)।
विशिष्ट प्रतिनिधि (बिजनौर एवं दिल्ली) चिंगारी (हिंदी दैनिक)।
संरक्षक, उ.प्र. श्रमजीवी पत्रकार यूनियन (पंजीकृत), शाखा बिजनौर।
संस्था-संबद्धता : सचिव, हिंदी साहित्य निकेतन, बिजनौर।
निदेशक, शोध संस्थान बिजनौर।
पूर्व मंडलाध्यक्ष, रोटरी अंतर्राष्ट्रीय मंडल 3100 (2001-2002)
चेयरमैन, मंडलीय पोलियो प्लस समिति, रोटरी मंडल 3100 (2002-2003)
मंत्री, जिला अपराध निरोधक कमेटी, बिजनौर।
सदस्य, जिला मानवाधिकार समिति, बिजनौर।
अध्यक्ष, के.एल. बाल उपवन (बाल शिक्षण संस्थान) बिजनौर।
सदस्य, भारतीय हिंदी परिषद् इलाहाबाद (उ.प्र.)।
आजीवन सदस्य, अखिल भारतीय हिंदी प्रकाशक संघ, दिल्ली।
पूर्व उपाध्यक्ष एवं सदस्य, इंटरनेशनल गुडविल सोसायटी आफ इंडिया, बिजनौर चैप्टर।
पूर्व सचिव, काका हाथरसी हास्य पुरस्कार ट्रस्ट, हाथरस (उ.प्र)




नमस्कार,अगर इस जीवन परिचय में आपको कोई कमी या कोइ नई बात जोड़नी/घटानी हो तो अछुती इस पेज का लिंक विषय लिखते हुए  हमें इस पते पर ई-मेल करिएगा.ताकी हम इसे अपडेट कर सकें-सम्पादक 

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