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बुधवार, अप्रैल 18, 2012

नृत्य परम्परा का एक सुनहरा अध्याय है कथकली नृत्य


होशंगाबाद  
भारतीय शास्त्रीय नृत्य परम्परा का एक सुनहरा अध्याय है कथकली नृत्य . केरल के इस अद्भुत नृत्य से रूबरू होना एक अविस्मरणीय अनुभव बन जाता है . इसी महान नृत्य परंपरा के आचार्य हैं श्री कलामंडलम कुट्टन अशान . पिछले दिनों लगभग एक माह तक चलने वाले उनके कार्यक्रमों की श्रंखला में मध्य प्रदेश में लगातार उनके ४५ कार्यक्रम आयोजित किये गए .

७४ वर्षीय इस बुजुर्ग कलाकार का उत्साह मंच पर देखते ही बनता था . मैंने जब उनसे कहा कि हमने आपको बहुत तकलीफ दी तो उन्होंने कहा कि वो इस तकलीफ से बेहद खुश हैं . मेरे आश्चर्य को विराम देते हुए उन्होंने बतया कि उनके अपने प्रदेश केरल में भी कभी उनके लगातार ४५ कार्यक्रम नहीं हुए हैं यह कहकर उन्होंने बहुत स्नेह के साथ मेरे माथे पर हाथ रखा और मुस्कराने लगे मैं भी क्या कहता ? बस मैंने भी अपनी मुस्कान पेश कर दी ....उनकी मनमोहक मुस्कराहट के साथ  संगत करने के लिए !!

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