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रविवार, अप्रैल 22, 2012

मोहिनीअट्टम पेश करती लीलाम्ना अपनी सुनहरी और सफ़ेद रंगी वेशभूषा से फब रही थी

नृत्यमयी दोपहर ने मन मोहा

चित्तौड़गढ़.
विश्व नृत्य दिवस प्रस्तुतियों में बाईस अप्रेल रविवार को दिन में ग्यारह बजे स्पिक मैके और सैनिक स्कूल प्रबंधन के संयुक्त तत्वावधान में शंकर मेनन सभागार में आयोजित मोहिनीअट्टम नृत्य संपन्न हुआ.देश की जानीमानी नृत्यांगना और कोरियोग्राफर प्रो. कलामंडलम लीलाम्ना ने एक घंटे तक की अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति में सभी को अभिभूत कर दिया.प्राचार्य ग्रुप केप्टन डी.सी.सिकरोडिया,रजिस्ट्रार मेजर अजय ढील के साथ ही स्पिक मैके संभागीय समन्वयक जे.पी.भटनागर ने दीप प्रज्ज्वलित कर कलाकार मंडली का माल्यार्पण किया.अपने शुरुआती भाग में लीलाम्ना ने आंगिक अभिनय का परिचय देते हुए नृत्य की आवश्यक मुद्राओं के बारे में बताया.गणेश वंदना से शुरू मुख्य प्रस्तुति में राग मालिका और आदि ताल की बंदीश के बीच गायक कलामंडलम रजीश की खरज़दार आवाज़ बहुत सराही गयी.

पूरे कार्यक्रम में कला मंडलम प्रबल कुमार और वायलिन वादक आर.एल.वी.सिद्धी विनायक की जुगलबंदी एक मनभावन पार्श्व संगीत तैयार करती सुनी गयी.संगतकार और उदघोषिका श्वेता सुन्दरन ने सभी भागों का परिचय देते हुए नटूवंगम जैसे दक्षिण भारतीय वाध्य यन्त्र पर संगत की.प्रस्तुति में ईश्वर का घर कहलाती धरती केरल का प्रमुख तीन शात्रीय नृत्यों में से एक मोहिनीअट्टम पेश करती लीलाम्ना अपनी सुनहरी और सफ़ेद रंगी वेशभूषा से फब रही थी.ऊपर से स्वर्ण ज्वेलरी और मोगरे के फूलों का सा गज़रा लगाए बालों का जुड़ा नृत्य के भाव को प्रभावी बना रहा था.अधिकाँश भाग मलयालम रचनाओं से गुंथा हुआ होने से दर्शक संगीत का ही आनंद ले पाए.

यमन कल्याणी राग और झप ताल में निबद्ध और प्रस्तुत भजन आज आए श्याम मोहन रास मंडल में कार्यक्रम का मध्य भाग था.आख़िरी मगर मुख्य हिस्से में गीतात्मक संवादों के साथ लोकप्रिय कहानी हिरण्यकश्यप वधम का अभिनय  किया.रोंगटे खड़े करते इस अभिनय से दर्शकों ने सभी कलाकारों के सामलाती प्रस्तुति को खूब सराहा.कार्यक्रम का अंतिम भाग राष्ट्रीयता से भरपूर कड़ी वंदेमारतम रहा,जिसे देस राग और आदि ताल में गायन कर अभिनीत किया.उपस्थित दर्शकों ने भी इस राष्ट्र गीत को गुनगुनाया भी.

कार्यक्रम का सञ्चालन संस्कृतिकर्मी माणिक ने किया.कलाकारों का परिचय केडेट कुमार सानु ने पढ़ा.प्रस्तुति में लगभग चार सौ विद्यार्थियों के अलावा नगर के पचास नृत्यप्रेमी मौजूद थे.जिनमें डॉ.आर.के.दशोरा, यूं.एस.भगवती, वी.बी.चतुर्वदी, एम्.एल.डाकोत, एस.के.गुप्ता, वी.बी.व्यास, शरद गंगवार आदि शामिल थे.

स्पिक मैके पूर्व अध्यक्ष बी.डी. कुमावत के अनुसार प्रो.लीलाम्ना की प्रस्तुति सोमवार सुबह साढ़े दस बजे गांधी नगर स्थित विशाल अकादेमी उच्च माध्यमिक विद्यालय में होगा.इधर सैनिक स्कूल प्राचार्य ग्रुप केप्टन डी.सी.सिकरोडिया के अनुसार आगामी पच्चीस अप्रेल को शाम साढ़े छ: बजे शंकर मेनन सभागार में ही देश की जानीमानी भरतनाट्यम नर्तकी पद्मश्री गीता चंद्रन अपना कार्यक्रम देगी. 
योगदानकर्ता / रचनाकार का परिचय :-

डॉ. ए. एल. जैन
(चित्तौड़ नगर के शिक्षाविद हैं.जो कोलेज शिक्षा से सेवानिवृत प्राचार्य हैं.वर्तमान में भगवान् महावीर मानव समिति चित्तौड़गढ़ के 
 
अध्यक्ष,मीरा स्मृति संस्थान के सह सचिव,स्पिक मैके के वरिष्ठ सलाहकार होने के साथ ही वे इस आन्दोलन में संयोजन मंडल में हैं)
ए-64,शुभम,बापू नगर,सैंथी,चित्तौड़गढ़-राजस्थान 
draljain@gmail.com,9414109779
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