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गुरुवार, अप्रैल 12, 2012

भजनों में बसा है मानवता का सन्देश


प्रेस रिपोर्ट
चित्तौड़गढ़ स्पिक मैके शाखा और सेन्ट्रल अकादेमी सीनियर सेकंडरी स्कूल सैंथी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित गुरुबानी गायन के आयोजन में गुरुवार सुबह सवा आठ बजे बच्चों ने शब्द कीर्तन सुना.साल दो हज़ार ग्यारह के उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा सम्मान से नवाजे जा चुके प्रो.अलंकार सिंह के ज़रिए स्पिक मैके राजस्थान में ये गुरुबानी के पहले आयोजन हैं जिनसे विद्यार्थियों ने कीर्तन और गुरु ग्रन्थ साहिब के महत्व को जाना है.अपनी प्रस्तुति में अलंकार सिंह ने भजो राम गोपाल जैसे स्थाई भाव का एक भजन सुनाया.शास्त्रीय गायन में महारथ हासिल अलंकार सिंह संगीत की शिक्षा स्वर्गीय गुरु तारा सिंह से सीखने के बाद पिछले अठारह सालों से इलाहबाद के पंडित गणेश प्रसाद शर्मा से भी संगीत सीख रहे हैं.उन्होंने बाद में एक शब्द कीर्तन मानस एक जात करके सुनाया जिसे उपस्थित रसिकों ने बहुत सराहा.

बातचीत में प्रो.अलंकार सिंह ने बताया कि आजकल के इस विकट समय में हम सभी को साम्प्रदायिक संकीर्णता से ऊपर उठकर मानवता के बारे में सोचना होगा.हमें सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनने की सख्त ज़रूरत है.गुरुबानी के ज़रिये हम दैनिक जीवन में एक बेहतर रास्ता चुन सकते हैं.खुद को अन्दर तक तलाश सकते हैं.ऐसे सभी कार्यों में श्रेष्ठ संगीत का रसिक होना हमें फ़ायदा दे सकता है.शुरुआत में कलाकारों का अभिनन्दन और दीप प्रज्ज्वलन स्कूल प्राचार्य अश्रलेश दशोरा,स्पिक मैके अध्यक्ष डॉ.ए.एल.जैन और समन्वयक जे.पी.भटनागर ने किया.प्रस्तुति में संगतकार के रूप में दिलरुबा वाध्य यन्त्र जालंधर के पर संदीप सिंह और तबला वादक अमंजित सिंह ने शिरकत की.

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