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शुक्रवार, जनवरी 06, 2012

सुप्रसिद्ध कथाकार स्वयं प्रकाश को भवभूति अलंकरण की घोषणा

कथाकार स्वाति तिवारी को  वागीश्वरी अलंकरण
भोपाल
 कथाकार स्वयं प्रकाश
सुप्रसिद्ध कथाकार और प्रगतिशील लेखक संघ की मुख पत्रिका वसुधा के सम्पादक स्वयं प्रकाश को मध्य प्रदेश साहित्य सम्मलेन के प्रतिष्ठित भवभूति अलंकरण देने की घोषणा की गई है. साहित्य को अपने समग्र अवदान के लिए प्रतिवर्ष देश के किसी वरिष्ठ लेखक को यह सम्मान दिया जाता है. आगामी २२ जनवरी को आयोज्य एक समारोह में भवभूति अलंकरण के साथ मध्य प्रदेश के दो लेखकों को वागीश्वरी अलंकरण भी दिए जायेंगे. इस वर्ष कहानी कृति के लिए स्वाति तिवारी को तथा आलोचना के लिए महेंद्र सिंह को यह अलंकरण दिए जा रहे हैं.  



मध्य प्रदेश साहित्य सम्मलेन के महामंत्री राजेंद्र शर्मा ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि छतीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल श्री शेखर दत्त ये अलंकरण प्रदान करेंगे. राजेन्द्र शर्मा ने बताया क स्वयं प्रकाश हमारे समय के प्रतिनिधि कथाकार हैं जिनका लेखन प्रेमचंद और अमरकांत की प्रगतिशील कथा परम्परा को आगे ले जाता है. स्वयं प्रकाश के पांच उपन्यास तथा एक दर्जन से अधिक कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं. इनके अलावा भी नाटक,रेखाचित्र,अनुवाद और अन्य विधाओं में उनकी पुस्तकें प्रकाशित हुईं हैं. अपने वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सघन अनुभव के कारण हिन्दी के बड़े पाठक समुदाय में उन्होंने व्यापक विश्वसनीयता अर्जित की है. हाल के दिनों में आया उनका उपन्यास 'ईंधन'  भूमंडलीकरण की व्यापक परिघटना से हो रहे सामाजिक बदलावों पर हिन्दी की चुनिन्दा कृतियों में है. राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से सेवानिवृत होकर अब वे भोपाल में स्थायी निवास बना चुके हैं.

शर्मा ने बताया कि प्रदेश स्तर पर दिए जाने वाले वागीश्वरी अलंकरण के लिए इस साल स्त्री कथा लेखन में सार्थक योग देने वाली कथाकार स्वाति तिवारी को दिया जा रहा है. तिवारी की दस कथा कृतियाँ प्रकशित हुईं हैं. वहीं युवा आलोचक  महेंद्र सिंह को उनकी आलोचना के लिए यह अलंकरण दिया जा रहा है.

राजेन्द्र शर्मा 
म.प्र. हिन्दी साहित्य सम्मेलन,
 मायाराम सुरजन भवन, 
पी एण्ड टी चौराहा, भोपाल-462003 
मो. 09425392954
इ मेल- vasudha.hindi@gmail.com
(साहित्य की डाक द्वारा सूचनार्थ सहयोग)

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